Category Archives: JNU Debate

जश्न-ए-जिहादी

कन्हैय्या के अनुसार क्रांति के कारण से किये जा रहे इस्लामिक सशस्त्र संघर्ष पर दोषारोपण करना उसे झूठा बदनाम करने जैसा है यह वैसे ही गलत है जैसे वामपंथी सशस्त्र संघर्ष को दोष देना। इस्लामिक आंतकवाद को दोष देने से पहले उसके समय को समझिये और आतंकवाद करने की मजबूरी को समझिये। जहाँ जरूरत पड़े… Read More »

गद्दारों से आजादी… न कि गद्दारों को आजादी

“अभिव्यक्ति की आजादी” की आड़ में कश्मीर के आतंकवादी जेहादियों को समर्थन का साहस तभी आता है जब धन हो, समर्थन हो, और विवेक नष्ट हो गया हो । भारत में माओवादी आतंकवादी पिछले दस साल में बहुत तेजी से बढ़ें हैं। एक समय बंगाल में वामपंथियों ने नक्सलियों को कुचल दिया था। पर वो… Read More »

FREE SPEECH FOR TERROR-JIHAD

The JNU debate has outraged the patriotic people of India. They are shocked to see slogans supporting freedom of Kashmir and terrorists who wage jihad against sovereign India. The Left sees such patriotic outrage and State action as violative of its Constitutional right, i.e. freedom of speech. Since the hanging of Afzal Guru, the 9th… Read More »